10th Science Subjective Question 2024 :- बिहार बोर्ड मैट्रिक विज्ञान परीक्षा महत्वपूर्ण लघु एवं दीर्घ उत्तरीय प्रश्न ।

 

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10th Science Subjective Question 2024 :- बिहार बोर्ड मैट्रिक विज्ञान परीक्षा महत्वपूर्ण लघु एवं दीर्घ उत्तरीय प्रश्न ।

 

10th Science Subjective Question 2024 :- बिहार बोर्ड मैट्रिक विज्ञान परीक्षा  महत्वपूर्ण लघु एवं दीर्घ उत्तरीय प्रश्न ।

 

 

यदि आप अभी बिहार बोर्ड से 2024 में मैट्रिक का परीक्षा देने के लिए तैयारी कर रहे हैं तो आपके लिए किस आर्टिकल के माध्यम से विज्ञान का महत्वपूर्ण लघु एवं दीर्घ उत्तरीय प्रश्न बताया गया जो सीधे आपके परीक्षा में मिलने वाला है तो चलिए आप लोग नीचे हिंदी का महत्वपूर्ण सब्जेक्टिव क्वेश्चन याद कर ले ताकि आपको एग्जाम में अच्छा सा अच्छा नंबर मिले ।

 

1 . मानव का मादा जनन तंत्र का नामांकित चित्र बनाएँ। मानव में निषेचन प्रक्रिया एवं पुण विकास का संक्षिप्त वर्णन करें।

 

 

उत्तर :

मनुष्य के मादा जननांग में अंडाशय, फैलोपिअन नलिका, गर्भाशय, योनि तथा वल्वा पाए जाते है। प्रत्येक स्त्री में एक जोड़ा अंडाशय पाया जाता है। प्रत्येक अंडाशय संयोजी ऊतक के एक आवरण ट्यूनिका एल्बुजिनिया से ढका होता है। अंडाशय में अंडाणु उत्पन्न होते है। फैलोपिअन नलिका प्रत्येक अंडाशय के ऊपरी भाग से आरंभ होकर नीचे जाती है और अंत में गर्भाशय से जुड़ जाती हैं। प्रत्येक कैलोपिअन नलिका का शीर्ष भाग एक चौड़े कीप के समान होता है जो अंडाणु को नीचे की ओर बढ़ने में सहायता देता है।

इस नलिका के द्वारा अंडाणु गर्भाशय में पहुँचते हैं। गर्भाशय मोटी दीवार वाली पेशीय थैली के समान रचना है जो मूत्राशय तथा मलाशय के बीच श्रोणिगुहा में स्थित होती है। यह लगभग तिकोनी रचना है। इसके ऊपरी भाग के दाएँ तथा बाएँ कोने से फैलोपिअन नलिका जुड़ी होती है। गर्भाशय की गुहा में ही भ्रूण का विकास होता है। गर्भाशय का निचला भाग संकरा होता है जिसे ग्रीवा कहते हैं। ग्रीवा नीचे की ओर योनि में खुलता है।

 

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Science Subjective Question 2024
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2 . आधुनिक आवर्त सारणी की प्रवृत्ति का निम्नलिखित पदों में उल्लेख करें
(a) संयोजकता
(b) परमाणु साइज
(c) धात्विक एवं अधात्विक गुणधर्म

उत्तर :

(a) संयोजकता आवर्त सारणी के किसी भी वर्ग के सभी तत्त्वों की संयोजकता समान + होती है, किंतु आवर्त में बाएँ से दाएँ जाने पर हाइड्रोजन के सापेक्ष संयोजकता 1 से 4 तक बढ़ती है, फिर 4 से घटकर 1 हो जाती है। अतः, समान आवर्त वाले तत्त्वों की संयोजकताएँ भिन्न-भिन्न होती है।”
(b) आवर्त सारणी में नीचे के वर्ग की ओर जाने पर परमाणु आकार बढ़ता है। आकार में वृद्धि शेलों की संख्या वृद्धि के कारण होती हैं। जैसे Wi में केवल 2 शेल जबकि Na में 3 शेल होते हैं। अत: No परमाणु का आकार बड़ा होता है।
(c) वर्ग में नीचे जाते हुए धात्वीय गुण में वृद्धि होती है। वर्ग में ऊपर जाते हुए अधात्वीय गुण में वृद्धि होती है।

 

3 . हमारे जैसे बहुकोशिकीय जीवों में ऑक्सीजन को आवश्यकता पूरी करने में विसरण क्यों अपर्याप्त है?

उत्तर :

बहुकोशिकीय जीवों में विभिन्न प्रक्रमों की पूर्ति में ऑक्सीजन की अधिक आवश्यकता पड़ती है जो विसरण द्वारा पूरा करना असंभव है। अतः विसरण द्वारा ऑक्सीजन की पूर्ति बहुकोशिकीय जीवों में अपर्याप्त है।

 

निर्देश : प्रश्न संख्या 4 से 7 तक दीर्घ उत्तरीय प्रश्न हैं। इनमें से किसी एक प्रश्न का उत्तर दें।

 

● स्वास्थ्य और व्यायाम

स्वस्थ तन-मन के बिना जीवन बोझ स्वस्थ व्यक्ति के लिए जीवन वरदान होता है। पर, अस्वस्थ व्यक्ति के लिए जीवन बोझ और अभिशाप बन जाता है। स्वस्थ व्यक्ति के लिए जीवन का प्रत्येक क्षण आनंद से भरा होता है, पर अस्वस्थ व्यक्ति के लिए जीवन का प्रत्येक क्षण घोर दंश के समान होता है। जीवन में आनंद का आगमन तभी होता है जब हमारा तन और मन स्वस्थ हो। धन के अभाव में आनंद की कल्पना की जा सकती है, पर स्वास्थ्य के अभाव में आनंद की कल्पना सर्वथा असंभव है। शारीरिक स्वास्थ्य और व्यायाम- -शारीरिक स्तर पर स्वस्थ रहने के लिए व्यायाम अत्यंत आवश्यक है। नियमित व्यायाम करने से हमारे शरीर में रक्त का संचालन सुचारु रूप से होता है तथा विभिन्न प्रकार के रोगों से लड़ने की क्षमता का विकास होता है।

मानसिक स्वास्थ्य और व्यायाम — जिस तरह शरीर को स्वस्थ एवं नीरोग रखने के लिए व्यायाम अनिवार्य होता है, उसी प्रकार मन को दुष्ट प्रवृत्तियों से मुक्त रखने के लिए व्यायाम की अनिवार्यता होती है। संयमित मन को स्वास्थ्य का प्रवेशद्वार माना जाता है। शांत मन स्वस्थ शरीर का आधार होता है। मन की शांति के लिए यह आवश्यक है कि हम नियमित रूप से प्राणायाम जैसी यौगिक क्रियाएँ करें। संतुलित भोजन और नियमित व्यायाम के बाद भी यदि हमारा चित्त (मन) चंचल बना रहा, तो हम स्वस्थ नहीं हो सकते। मन या चित्त की सबलता पर ही हमारा स्वास्थ्य निर्भर होता है। स्वस्थ व्यक्ति से स्वस्थ समाज का निर्माण- यह कथन शत-प्रतिशत सही है कि स्वस्थ व्यक्ति से स्वस्थ समाज का निर्माण होता है। समाज व्यक्तियों का समूह होता है। जिस प्रकार किसी टोकरी का एक सड़ा आम उसके सारे आमों को सड़ा देता है,
उसी प्रकार किसी समाज का चारित्रिक स्तर पर भ्रष्ट व्यक्ति बहुत सारे व्यक्तियों को पतनोन्मुख कर देता है। मन से चरित्र का निर्माण होता है। प्रसन्न मन चरित्र को उज्ज्वल बनाता है। इसके विपरीत, अवसादग्रस्त मन चरित्र को दूषित करता है। दूषित चरित्र समाज के निर्मल स्वरूप को कलंकित करता है। निर्मल तथा सब प्रकार से स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए दूषणरहित चरित्रों की जरूरत पड़ती है। मानसिक व्यायाम ही मन को दूषण से मुक्त कर उसे निर्माणशील बनाता है। विकाररहित समाज को देखकर यह सहज ही कहा जा सकता है कि उस समाज में शरीर और मन के स्तर पर स्वस्थ लोग निवास करते हैं।

निष्कर्ष – अच्छा स्वास्थ्य संयम और नियम की अपेक्षा रखता है। प्रत्येक व्यक्ति को यह मालूम होना चाहिए कि स्वास्थ्य ही परम धन है। अतः, उसे अपने स्वास्थ्य के प्रति हमेशा सावधान रहना चाहिए

 

आधुनिक आवर्त सारणी की प्रवृत्ति का निम्नलिखित पदों में उल्लेख करें- (a) संयोजकता (b) परमाणु साइज (c) धात्विक एवं अधात्विक गुणधर्म

उत्तर :

(a) संयोजकता आवर्त सारणी के किसी भी वर्ग के सभी तत्त्वों की संयोजकता समान + होती है, किंतु आवर्त में बाएँ से दाएँ जाने पर हाइड्रोजन के सापेक्ष संयोजकता 1 से 4 तक बढ़ती है, फिर 4 से घटकर 1 हो जाती है। अतः, समान आवर्त वाले तत्त्वों की संयोजकताएँ भिन्न-भिन्न होती है।” (b) आवर्त सारणी में नीचे के वर्ग की ओर जाने पर परमाणु आकार बढ़ता है। आकार में वृद्धि शेलों की संख्या वृद्धि के कारण होती हैं। जैसे Wi में केवल 2 शेल जबकि Na में 3 शेल होते हैं। अत: No परमाणु का आकार बड़ा होता है। (c) वर्ग में नीचे जाते हुए धात्वीय गुण में वृद्धि होती है। वर्ग में ऊपर जाते हुए अधात्वीय गुण में वृद्धि होती है।

4 . हमारे जैसे बहुकोशिकीय जीवों में ऑक्सीजन को आवश्यकता पूरी करने में विसरण क्यों अपर्याप्त है?

उत्तर :

बहुकोशिकीय जीवों में विभिन्न प्रक्रमों की पूर्ति में ऑक्सीजन की अधिक आवश्यकता पड़ती है जो विसरण द्वारा पूरा करना असंभव है। अतः विसरण द्वारा ऑक्सीजन की पूर्ति बहुकोशिकीय जीवों में अपर्याप्त है।

5 . मनुष्यों में ऑक्सीजन तथा कार्बन डाइऑक्साइड का परिवहन कैसे होता है?

उत्तर :

 

मनुष्यों में श्वसन नाक से ली जाती है। यह हवा श्वसन की गीली सतह से होकर गुजरती है। नम श्वसन सतह में गैसीय आदान-प्रदान होता है। इस प्रकार शरीर को ऑक्सीजन एवं कार्बन डाइऑक्साइड शरीर से बाहर होती है।

 

6 . डी.एन.ए. की प्रतिकृति बनाना जनन के लिए आवश्यक क्यों है?

उत्तर :

DNA की प्रतिकृति बनने से ही वंशानुगत गुणों से युक्त संतान प्राप्त होती है। इस कारण DNA की प्रति कृति बनाना जनन के लिए आवश्यक है।

7 . मानव में लिंग निर्धारण कैसे होता है?

उत्तर :

मानव में लिंग निर्धारण विशेष लिंग गुणसूत्रों के आधार पर होता है। नर में XY जबकि मादा XX गुणसूत्र विद्यमान होता है। XY गुणसूत्र से नर एवं XX गुणसूत्र से मादा लिंग निर्धारित होता है।

 

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नोट : –

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